जाहिद वारसी की रिपोर्ट ।
पसमांदा समाज का सियासत में हिस्सेदारी को लेकर एक प्रोग्राम का आयोजन ।
आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज 705 अ०पि०मु०स० की अनुयाई करती है / शाहिद आफरीदी
अशराफों की सियासी सभा को बाइकाट कर अपने सभा को भाड़ी बनाएं / शमशाद अंसारी

वैशाली पसमांदा मुस्लिम समाज के सर्वांगीण (सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं आर्थिक) विकास हेतु लंबे समय से प्रयासरत सामाजिक संगठन ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज, बिहार द्वारा 28 जुलाई, 2024 को सीतामढ़ी जिला के बाजपट्टी प्रखंड अंतर्गत हरपुरवा में ‘बिहार का सियासी मंज़रनामा और पसमांदा समाज की भागेदारी ‘, कार्यक्रम का अयोजन हुआ जिस की अध्यक्षता प्रदेश महासचिव मो शमशाद अंसारी ने की और संचालन प्रदेश सचिव मो तौसीफ रजा ने की इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह बिहार प्रभारी सुहैलुद्दीन अंसारी ने कहा कि मुस्लिम समाज की एकांगी समझ को चुनौती देना और दर्शाना कि भारतीय मुस्लिम समाज जाति-विभाजित समाज है जहां पर 15 प्रतिशत अशराफ (सवर्ण) मुसलमानों का 85 प्रतिशत पसमांदा (दलित, पिछड़े एवं आदिवासी) मुसलमानों पर आधिपत्य जमाये हुए हैं और सियासी हक़ को घोंट रहे हैं जिससे पसमांदा मुस्लिम समुदाय चहूमूखी विकास से बंचित हो रहे हैं इस लिए आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज ने जागरूकता अभियान जिला स्तरीय कार्यक्रम कर अशराफों की हुशियारी से अवगत करा रहे हैं वह समय की पुकार है इस कार्यक्रम मे मुख्य अथिति के रुप में आल इंडिया पासमांदा मुस्लिम महाज़ के प्रदेश अध्यक्ष सह जद यू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष श्री नज़ीर अहमद अंसारी ने कहा कि चापलूस अशराफ (सवर्ण) मुसलमान द्वारा संचालित सांकृतिक, धार्मिक और राजनीतिक प्रणाली जो कि समस्त मुसलमानों के नाम पर केवल अशराफ मुसलमानों का हित साधती है का वैज्ञानिक पर्दाफाश कर उसे ध्वस्त कर अपनी भागीदारी को मजबूत करना महाज का कर्तव्य होगा उन्होंने यह भी कहा कि पसमांदा मुसलमानों की स्वायत्त सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक प्रणाली एवं संस्थान विकसित करके उन्हें लोकतांत्रिक-संवैधानिक मूल्यों और प्रक्रिया के ढांचे के तहत पसमांदा मुसलमानों को जीवन के हर क्षेत्र-शासन-प्रशासन, राजनीति, शिक्षा, अर्थ, स्वास्थ्य, इत्यादि- में उचित भागीदारी तथा संविधान आदेश 1950 के पैरा 3 के तहत मुस्लिम और ईसाई अनुसूचित जाति के खिलाफ असंवैधानिक भेदभाव को समाप्त करने की मांग भी की। उन्होंने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का उपविभाजन सबसे पिछड़े वर्ग को लगभग 18-20 प्रतिशत आरक्षण देता है। ताकि ईबीसी को उनकी आबादी के अनुपात में उचित हिस्सा मिल सके साथ ही वक्फ संपत्तियों का उपयोग शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में किया जाए जिस पर सरकारी अनुदान की व्यवस्था भी हो तथा प्रदेश उपाध्यक्ष मो इस्तियाक अंसारी ने कहा कि महाज बुनियादी तौर पर एक समाजिक संगठन है और किसी भी विशेष राजनीतिक दल के लिए कार्यरत नहीं है। संगठन सभी राजनीतिक दलों के साथ संवाद स्थापित करता है और उन्हें पसमांदा समाज के मुद्दों से अवगत कराता है। संगठन पसमांदा मुसलमानों को शासन एवं प्रशासन में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कराने एवं कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु केन्द्रीय और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिल कर काम कर रहा है तथा संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष शाहिद आफरीदी ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज में पिछड़ी, दलित एवं आदिवासी वर्गों की करीब 705 जातियां राष्ट्रीय स्तर पर पाई जाती है जिनकी अधिकांश आबादी मेहनतकश (छोटा-मँझोला किसान, श्रमिक, कारीगर, शिल्पकार, दस्तकार, इत्यादि) है। पसमांदा समाज विकास के क्रम में बहुत पीछे हैं लेकिन इनके अंदर भी क्रमिक असमानता पाई जाती है। कुछ पसमांदा जातियों ने ऐतिहासिक कारणों से दूसरी पसमांदा जातियों के मुकाबले लोकतांत्रिक प्रणाली का बेहतर इस्तेमाल किया है। कुलमिलाकर पसमांदा महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है। अतः ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी जिम्मेदारी‘ के उसूल के तहत सबसे कमजोर पसमांदा जातियों एवं महिलाओं को संगठन में उनकी आबादी से अनुसार हिस्सेदारी देने का प्रण लिया। महिलाओं एवं युवाओं को महाज में हर स्तर पर उचित नुमायन्दगी मिलेगी और अभी अलग से कोई सेल नहीं होगा संगठन के प्रदेश महासचिव तौक़ीर अहमद अंसारी ने कहा कि बिहार मे पासमांदा समाज का बड़ा हिस्सा जिसमें पासमांदा समाज की कई जातियाँ हैं, जो आज भी सड़क किनारे या खुली मैदान मे झोपड़ी बना कर गुजर बसर कर रहा है। संगठन बिहार सरकार से मांग करता है कि एक सर्वे करा कर ऐसे लोगो को चिन्हित करें और उनको रहने के लिए 5 डिस्मिल जमीन या उसका मुआवजा दे ताकि ये समाज अपने बाल बच्चों के साथ गुजर बसर कर सके। पासमांदा समाज में ऐसे जातियां हैं जो सामाजिक और आर्थिक अस्तर पर बहुत पिछड़ी हैं महाज सरकार से मांग करती है कि पासमंदा समाज के ऐसे जातियों का सर्वे करा कर उनको SC/ST का दर्जा दे।
महाज की कार्य प्रणाली व्यक्ति-केंद्रित न होकर विचारधारात्मक, लोकतांत्रिक एवं सामूहिक होगी। संगठन के उद्देश्य, लक्ष्य एवं विचाराधारा पर फोकस किया जायेगा। ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज के लिए धन की पूर्ति हेतु हर प्रदेश से 100 मेम्बर को चुना जायेगा जो लोग 500/- या उससे अधिक प्रति महीना संगठन को सुचारु रूप से चलाने के लिए चंदा देंगे।
इस बैठक मे प्रदेश उपाध्यक्ष मो इस्तियाक अंसारी, प्रदेश महासचिव तौक़ीर अहमद अंसारी, प्रदेश सचिव सह दरभंगा जिला प्रभारी मो नूर आलम, प्रदेश महासचिव मो गुफरान अली, जिला पदाधिकारियो मे जनाब अनवारुल हक़ रिज़वी, जनाब मुस्तफा मंसूरी, जनाब परवेज़ आलम , जनाब शाहिद मंसूरी जनाब मक़बूल अंसारी, दरभंगा जिला अध्यक्ष जनाब मो इफ़्तेख़ार उर्फ़ गुलज़ार अंसारी, जाले प्रखंड अध्यक्ष जनाब मो आफताब आलम और प्रदेश ऑफिस इंचार्ज जनाब सरफ़राज़ अंसारी समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं संगठन के पदासीन पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण उपस्थित थे।
रिपोर्ट के साथ फोटो संलग्न है







