वैशाली जिले के राजापाकड़ थाना क्षेत्र के चौसीमा कल्याणपुर गांव में आइसक्रीम के पैसे को लेकर हुए विवाद में घटी घटना में तीन व्यक्ति के हिरासत में लिए जाने के बाद एक व्यक्ति मोहम्मद नासिर शाह के पुलिस हिरासत में रविवार की सुबह इलाज के दौरान सदर अस्पताल हाजीपुर में मौत के मौत हो गई मौत के बाद घटना और भयावह हो गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वैशाली द्वारा राजापाकड़ थाने में वैशाली जिले के लगभग सभी थानों के थानेदारों को सुरक्षा बलों के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भेजा गया. वहीं पुलिस लाइन से दो बस महिला पुरुष सुरक्षा बल घटनास्थल चौसीमा कल्याणपुर भेजा गया. साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी महुआ किसलय कुशवाहा, एसडीपीओ महुआ, एसडीपीओ महजार, एसडीपीओ हाजीपुर ,बीडियो आनंद प्रकाश, सीओ गौरव कुमार राजापाकर थाना पहुंचे एवं शांति व्यवस्था कायम रखने को ले बखरी बड़ाई पंचायत के मुखिया अरशद हुसैन के साथ बैठक किया .जिसमे सर्व सम्मति से निर्णय उपरांत हाजीपुर सदर अस्पताल में मृतक नासिर शाह के पोस्टमार्टम हेतु पांच व्यक्ति को हाजीपुर भेजा गया. जहां जहां पोस्टमार्टम के बाद शव को निर्धारित पांच व्यक्ति को दिया गया. शव लेकर सभी व्यक्ति चौसीमा कल्याणपुर ग्राम पहुंचे जहां पुलिस सुरक्षा बलों की भारी व्यवस्था की गई है .समाचार लिखे जाने तक शव को दफन नहीं किया गया था. क्योंकि मृतक के सभी परिजन दूर-दूर शहरों में गए हुए थे .उनके आने की प्रतीक्षा की जा रही थी. परिजनो ने बताया कि शव का सुपुर्द खाक मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ लगभग 9 से 10 बज जाएंगे. वही हिरासत में लिए गए व्यक्ति के मौत के संबंध में पूछे जाने पर अनुमंडल पदाधिकारी महुआ किसलय कुशवाहा ने कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति नासिर शाह की रविवार सुबह अचानक तबीयत खराब होने के बाद सदर अस्पताल हाजीपुर भेजा गया था . जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई .पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर की परिजनों द्वारा पुलिस की पिटाई से हत्या की बात कही जा रही है. इस पर एसडीओ महुआ ने कहा कि यह जांच का विषय है .पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि मौत कैसे हुई है. यदि पिटाई की बात आती है तो जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
वही खुशियों से भरा घर पलभर में मातम में बदल गया. चौसिमा कल्याणपुर गांव के मोहम्मद नासिर साह के बेटे नसरुद्दीन की रविवार को बारात निकलनी थी. तथा दूसरे बेटे मोहम्मद अहसान कि कल बारात जाने वाली थी. घर में सारी तैयारी पूरी हो गई थी. समियाना टेंट लगाए गए थे. शादी के लिए घर में मिठाइयां बनकर तैयार थी. लेकिन सुबह-सुबह खबर आई कि पुलिस कस्टडी में नासिर की मौत हो गई है. घर में जहां शहनाई बजनी थी, वहां मातम छा गई रोने और चीखने की आवाजें गूंजने लगी. बारात की जगह मौत की खबर आई और पूरा गांव गम में डूब गया.
ज्ञात होगी शुक्रवार की शाम गांव में आइसक्रीम के पैसों को लेकर विवाद हुआ था. मामले में जब पुलिस गांव पहुंची तो फकीर टोला के लोगों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया. इसमें छह पुलिसकर्मी घायल हुए और उपद्रवियों ने पुलिस का पिस्टल और राइफल तक छीन लिया था. हालांकि दबाव के बाद हथियार लौटा दिया गया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. जिनमें नासिर साह भी शामिल थे.
रविवार की सुबह नासिर साह की मौत की खबर परिजनों को मिली तो घर में कोहराम मच गया. मृतक की पत्नी समीना खातून ने कहा कि मेरे शौहर का कोई कसूर नहीं था. घर में मिलाद था और वे मेहमानों के लिए दावत की तैयारी कर रहे थे. पुलिस जबरन उठा ले गई और कस्टडी में पुलिस की पिटाई से उनकी मौत हो गई.
परिवार के मुताबिक, रविवार को बड़े बेटे नसरुद्दीन की बारात निकलनी थी और मंगलवार को छोटे बेटे एहसान की शादी तय थी. दोनों शादियों की पूरी तैयारियां हो चुकी थीं. रिश्तेदार और मेहमान आ चुके थे. लेकिन पिता की मौत की खबर ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं. घर में जहां शहनाई बजनी थी. वहीं अब मातम पसरा हुआ है. परिवार वालों ने बताया की नसरुद्दीन जिसकी रविवार को शादी होनी थी . उसे भी पुलिस ने शनिवार को पिता का आधार कार्ड देने के बहाने से बुलाकर हिरासत में ले लिया था.
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश देखा गया. ग्रामीणों का कहना है कि निर्दोष व्यक्ति को फंसाकर पुलिस ने कस्टडी में मौत के हवाले कर दिया. लोग न्याय की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. कई ग्रामीणों ने कहा कि यह घटना पुलिस की ज्यादती का साफ उदाहरण है और इसकी जांच होनी चाहिए. पुलिस हिरासत में हुई मौत से नाशीर शाह की पत्नी समीना खातून का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है आने-जाने वालों से न्याय की गुहार लगा रही है की और कहती है अब न्याय कौन करेगा जो रक्षक है वहीं भक्षक बन गया और मेरे पति को मौत की नींद सुला दिया, पुरा पुलिस विभाग पुलिस का ही साथ देगा मैं किसके पास न्याय के लिए जांउ कौन मेरा साथ देगा, सब के सब मिले हुए हैं, नाशीर को पुलिस हिरासत में बुरी तरह मारा गया जिसके कारण उसकी मौत हुई है पुलिस विभाग इस पर पर्दा डालने के लिए बिमारी का बहाना बना रहा है, अगर देश के कानून में न्याय बचा है पुलिस वाले को फांसी की सजा मिलनी चाहिए ।








