गोरौल प्रखंड क्षेत्र भक्तिमय हो रहा है. माँ भगवती के विभिन्न रूपो की पूजा आराधना किया जा रहा है. वही पूरे क्षेत्र में अभी तक 25 पूजा पंडाल समितियों ने लाइसेंस के लिये आवेदन दिया है. लेकिन अभी तक किसी को लाइसेंस नही दिया गया है. क्षेत्र के गोरौल बाजार, कर्पूरी चौक कटरमाला चौक, बेलबर घाट, अंधारी गाछी, हुसैना घाट सहित अन्य जगहों पर भी शारदीय नवरात्र को लेकर विभिन्न मंदिरो एव देवी स्थानों पर भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है. भक्त अपने घरो में भी माँ दुर्गा के पूजा अर्चना कर रहे है. माँ के आराधना एव भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है. आचार्य राजेश कुमार झा ने बताया कि शारदीय नवरात्र का आध्यात्मिक महत्व आज भी है.शारदीय नवरात्र आत्मशक्ति अर्जित करने का अवसर देता है.आंतरिक शक्ति से ही उत्साहित हो कर लोग सफलता के पथ पर अग्रसर हो सकते है.नवरात्र में शक्ति अर्चना का मूल उद्देश्य सोई हुई आत्मशक्ति को जगाना भी है.इस लिये शारदीय नवरात्र शक्ति के जागरण का महापर्व भी माना जाता है.








