गोरौल चौक पर दिन दहाड़े पिस्टल के बल पर हुए जेवेर्ल्स दुकान में लूट मामले के आरोपी को पुलिस ने मुम्बई से पीछा करते हुए हाजीपुर जंक्शन से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधी वैशाली थाना क्षेत्र के जतकौली गांव निवासी राणा राज उर्फ राणा के रूप में की गई है. बताया गया है कि राणा पर बेलसर सीएसपी लूट के अलावे कई संगीन मामले में वह फरार चल रहा है. थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि राणा की गिरफ्तारी के लिय अपर थानाध्यक्ष प्रशांत प्रशांत कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर अपराधी के लोकेशन के आधार पर महाराष्ट्र के पूना भेजा गया. पुलिस टीम पूना पहुची तो राणा वहा से इधर उधर भागते हुए ट्रेन पकड़ लिया जिसके बाद पुलिस ने पीछा करते हुए उसे हाजीपुर जंक्शन से धर दबोचा है . गिरफ्तार अपराधी इस लूट कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया है कि उसे लुटे गये जेवेर्ल्स की बिक्री से प्राप्त राशि मे से मात्र 40 हजार रुपया मिला है. इससे पूर्व भी इस लूट कांड में संलिप्त वैशाली थाने के भगवतपुर गांव निवासी कुंदन कुमार एवं रंजन कुमार सदर थाना क्षेत्र के पानापुर गोरारी गांव निवासी विशाल कुमार दिघ्घी कला गांव निवासी संजय पासवान सहित कुल पांच अपराधी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. ज्ञातव्य हो की बीते जुलाई महीने में सशस्त्र अपराधियो ने गोरौल थाने से महज दो सौ मीटर दूरी पर स्थित ज्वेलरी के दुकान में लूटपाट कर आराम से चलते बने थे . सबसे बड़ी बात यह रही कि आरक्षी अधीक्षक ललित मोहन शर्मा एसडीपीओ कुमारी दुर्गा शक्ति , एसडीपीओ लालगंज गोपाल मंडल गोरौल थाना क्षेत्र में ही एक मामले की छानबीन कर रहे थे तो दूसरी तरफ नकाबपोश अपराधी गोरौल चौक के न्यू मार्केट स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान से लगभग 20 लाख का आभूषण लूटकर पुलिस महकमा को खुलेआम चुनौती दिया था. ज्वेलरी की दुकान दूसरी मंजिल पर स्थित था . थाने के ही भटौलीया गांव निवासी दुकानदार अरुण कुमार साह ने बताया था कि दो वाइक से छः अपराधी पहुचा और पिस्टल सटाते हुय दुकान में रखा बीस लाख की सोने चांदी का आभूषण लूट लिया. इस दौरान अपराधियो द्वारा मारपीट भी किया गया था . वही जेवेलरी के दुकान से सटे कपड़े के व्यवसायी सुनील साह, सुधीर साह को पिस्टल के बल पर कब्जे में लिया था और अपराधी दुकान के अंदर घूसकर जेवरात लुटे . यह भीड़भार बाला इलाका है. दर्जनों दुकानदार भी थे ,लेकिन किसी ने अपराधियो का विरोध करने की हिम्मत नही दिखा सके थे. हालांकि दूकान के आसपास एक दो कैमरा लगा था जिसका फुटेज पुलिस खंगाला था . जिसमे एक आर्बन फाइव एवं एक स्पलेंडर गाड़ी की पहचान हुई थी।








