गोरौल (वैशाली)। प्रखंड के रूसुलपुर कोरीगांव पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा के बदलते स्वरूप की एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। निरीक्षण करने पहुँचे संकुल समन्वयक उपेन्द्र कुमार उस समय हैरान रह गए जब विद्यालय में नामांकित कुल 11 बच्चों के मुकाबले 30 से अधिक बच्चे कक्षाओं में पढ़ाई करते मिले।
बेहतर पढ़ाई के भरोसे ने बदली तस्वीर
अतिरिक्त बच्चों की इस उपस्थिति पर प्रधान शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय परिवार ने हाल ही में ग्राम भ्रमण कर अभिभावकों से सीधा संपर्क साधा था। अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों को बेहतर पठन-पाठन, विशेषकर अंग्रेजी विषय की नियमित और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का भरोसा दिलाया गया था। अभिभावकों के सुझावों पर अमल करने का ही परिणाम है कि अब स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है।
तत्काल उपलब्ध कराए गए बेंच-डेस्क
संसाधनों के अभाव में बच्चों को जमीन पर बैठते देख संकुल समन्वयक उपेन्द्र कुमार ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने तत्काल अपने संकुल के अधीनस्थ विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर स्कूल को पाँच जोड़ी बेंच-डेस्क उपलब्ध करवाए। बेंच-डेस्क मिलने से अब बच्चों को जमीन पर बैठने की मजबूरी से निजात मिल गई है।
सुविधा मिलने पर उत्साहित बच्चों ने संकुल समन्वयक को ‘थैंक्स’ कहा। इस अवसर पर शिक्षक जितेंद्र कुमार, विभा कुमारी और राजीव रंजन सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।अभिभावकों ने जताया खुशी और भरोसा
विद्यालय में आए इस सकारात्मक बदलाव पर अभिभावकों ने हर्ष व्यक्त किया है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि पहले वे निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन विद्यालय प्रशासन द्वारा अंग्रेजी की नियमित पढ़ाई और बेहतर अनुशासन के वादे ने उनका भरोसा जीता है।
अभिभावकों ने बताया कि शिक्षकों द्वारा घर-घर आकर शिक्षा के प्रति जागरूक करना एक सराहनीय पहल है। बेंच-डेस्क की उपलब्धता होने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनके बच्चे भी सम्मानजनक तरीके से बैठकर शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।








