भगवानपुर (वैशाली): प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय रिट्रीट सेंटर ‘शांति शक्ति सरोवर’ में 90वीं महाशिव जयंती के पावन अवसर पर एक दिव्य एवं भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में आध्यात्मिक चेतना और सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिला।
दीप प्रज्वलन और केक कटिंग से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर और केक काटकर किया गया। बीके सावित्री बहन ने उपस्थित सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
परमात्मा शिव ही पारसनाथ: राजयोगिनी रानी दीदी
बिहार एवं झारखंड की मुख्य संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रानी दीदी जी ने मुख्य प्रवचन देते हुए कहा कि परमात्मा शिव ज्योति स्वरूप और निराकार हैं। उन्होंने बताया कि जब संसार में अज्ञानता और आसुरी विकारों का अंधकार छा जाता है, तब कलयुग के अंत में स्वयं शिव बाबा भारत भूमि पर अवतरित होते हैं। वह ‘पारसनाथ’ के रूप में हम सबकी आत्माओं को हीरे तुल्य जीवन प्रदान कर विकारों के अंधकार से मुक्त करते हैं। महाशिवरात्रि इसी दिव्य अवतरण का यादगार पर्व है।
आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश
बीके पिंकी बहन ने शिवरात्रि के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को साझा किया।
बीके जयंती बहन ने शिव पर चढ़ाए जाने वाले आक-धतूरे का महत्व बताते हुए कहा कि इसका वास्तविक अर्थ अपने भीतर के नशे और दुर्गुणों को ईश्वर को समर्पित करना है, ताकि हम ज्ञान का अमृत पीकर शिव समान कल्याणकारी बन सकें।
प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कई मुख्य अतिथियों ने अपनी शुभकामनाएं दीं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे।इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी राम बाबू बैठा जी, विशिष्ट अतिथि रविन्द्र कुमार साह जी जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शोभकांत जी, प्रखंड विकास पदाधिकारी आनंद मोहन जी, भगवानपुर अचला अधिकारी कनक लता जी, सैनिक अध्यक्ष मनोज कुमार जी, भगवानपुर थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार जी एवं गणमान्य लोगों ने अपनी शुभकामनाएं व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में बीके स्वीटी बहन ने राजयोगा मेडिटेशन के द्वारा शांति, प्रेम, आनंद, शक्ति की गहन अनुभूति कराया इससे वातावरण में शांति छा गई। इस मौके पर बीके प्रफुल्ल भाई, बीके शिव प्रसाद भाई, बीके रमेश भाई ने भी अपनी शुभ कामनाएं व्यक्त किए। कार्यक्रम के पश्चात 90वीं शिवजयंती का ध्वजारोहण में उपस्थित हुए और ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रानी दीदी जी ने सबको शिव के आदर्शो पर चलने की अनुमति प्रतिज्ञा कराई इस मौके पर बीके जैस्मिन, बीके किशोरी, बीके निशांत इत्यादि ने अपनी संगीत से भरपूर मनोरंजन किया। इस कार्यक्रम का समापन एक नाटक शिव और शंकर में अंतर के द्वारा किया गया।








