गोरौल (वैशाली)। प्रखंड के रसुलपुर कोरिगांव स्थित संगत परिसर में शनिवार को भक्ति और श्रद्धा के अटूट संगम के साथ सप्त दिवसीय 1008 रुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर आयोजित भव्य कलश यात्रा में 1501 कन्याओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
भव्य कलश यात्रा और मंत्रोच्चार
यज्ञ की शुरुआत दसविध स्नान और जल यात्रा के साथ हुई। 1501 कन्याएं हुसेना घाट स्थित शिव मंदिर से कलश में पवित्र जल भरकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ स्थल पहुंचीं। यहाँ मुख्य यज्ञाचार्य सुजीत शास्त्री (मिठ्ठू बाबा) के नेतृत्व में विद्वान पंडितों—विपुल भारद्वाज, गोलू तिवारी, उज्ज्वल आनंद, सुदीप शास्त्री, बलराम पांडेय, निशांत रंजन और शशांक शांडिल्य ने सामूहिक रूप से कलश स्थापना, पंचांग पूजन और मंडप प्रवेश का कार्य संपन्न कराया।यज्ञ से होती है सृष्टि की रक्षा
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए यज्ञाचार्य सुजीत शास्त्री ने यज्ञ की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “यज्ञ से वर्षा होती है और वर्षा से अन्न की उत्पत्ति होती है, जिससे समस्त जीवों की रक्षा होती है। संसार में यज्ञ से श्रेष्ठ कोई कर्म नहीं है।” उन्होंने ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ का संदेश देते हुए कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा स्वयं करता है। ईश्वर केवल भाव के भूखे हैं और सच्चे मन से पुकारने वाले भक्त की रक्षा भगवान सदैव करते हैं। हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़
इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य यजमान सह यज्ञ अध्यक्ष कौशल किशोर सिंह के साथ जिला परिषद सदस्य मनोज ठाकुर, मंटू सिंह, संजीव सिंह, जेपी सिंह, शंकर सिंह, प्रभाष चंद्र सिंह और मुखिया केसरी देवी समेत हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और कार्यकर्ता शामिल हुए। यज्ञ को लेकर रसुलपुर कोरिगांव और आसपास के इलाकों में उत्सव का माहौल बना हुआ है।








