गोरौल (वैशाली)। रिपोर्ट: जाहिद वारसी
गोरौल प्रखंड क्षेत्र में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आसमान में उमड़ते काले बादलों को देख किसानों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। वर्तमान में किसान गेहूं की कटाई कर फसल को थ्रेसिंग (दौनी) के लिए खेतों में रखे हुए हैं, लेकिन बदले हुए मौसम ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी है।
किसानों का कहना है कि थ्रेसर की भारी कमी के कारण समय पर दौनी नहीं हो पा रही है। ऐसे में यदि बारिश होती है, तो कटी हुई फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। स्थानीय किसान लाल बाबू साह, संत लाल, मोहम्मद इस्राइल, मोहम्मद मंसूर, राम बालक सिंह और छट्ठू भगत ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि पिछले तीन-चार महीनों से कड़ी धूप और भूख-प्यास भूलकर उन्होंने खून-पसीने से इस फसल को सींचा है। अब जब फसल पककर घर आने को तैयार है, तो कुदरत का यह बदला रूप किसी बड़ी विपदा से कम नहीं लग रहा।
किसानों ने बताया कि गेहूं की कटी फसल यदि भीग जाती है, तो दाने काले पड़ जाते हैं और गुणवत्ता खराब हो जाती है। इसके साथ ही पशुओं के चारे के लिए इस्तेमाल होने वाला भूसा भी सड़ने लगता है, जिससे दोहरी आर्थिक मार पड़ने की आशंका है। फिलहाल, क्षेत्र के किसान भगवान से बस यही दुआ कर रहे हैं कि मौसम साफ हो जाए ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित घर पहुंच सके।








