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गोरौल: मात्र 18 बच्चों वाले स्कूल में प्रधान शिक्षक ने फूँकी जान, रचनात्मकता में अव्वल बन रहे छात्र।

गोरौल (वैशाली): प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर कोरीगांव इन दिनों अपनी रचनात्मक गतिविधियों के कारण चर्चा में है। भले ही विद्यालय में बच्चों का कुल नामांकन मात्र 18 है, लेकिन यहाँ की शैक्षणिक व्यवस्था और बच्चों की सक्रियता किसी बड़े निजी स्कूल से कम नहीं दिखती।
जब से प्रधान शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने विद्यालय की कमान संभाली है, स्कूल के वातावरण में बड़ा बदलाव आया है। यहाँ अब पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ पुस्तकालय की पुस्तकों का भी नियमित उपयोग होता है। वर्तमान में विद्यालय के बच्चे बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा कक्षा 1 से 5 तक के लिए उपलब्ध कराई गई मासिक पत्रिका ‘चुनमुन’ के दीवाने हो रहे हैं।इस पत्रिका के माध्यम से बच्चे खेल-खेल में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और पर्यावरण जैसे विषयों को सीख रहे हैं। बच्चे नियमित रूप से पत्रिका में दिए गए क्रॉसवर्ड, डॉट-टू-डॉट मिलान, पहेलियाँ और सामान्य ज्ञान की गुत्थियाँ सुलझाते हैं। हाल ही में विद्यालय में ‘रंग भरो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी कलात्मक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
इस प्रतियोगिता में छात्रा लाडली कुमारी, रागिनी कुमारी, सुनीता कुमारी, पप्पी कुमारी, श्वेता कुमारी, काजल कुमारी तथा छात्र आशिक कुमार, आयुष कुमार, काव्या और टुकटुक सहित अन्य बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आकर्षक चित्रों में रंग भरकर अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रधान शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों की तार्किक और रचनात्मक क्षमता का विकास होता है, जिससे वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद के रूप में लेते हैं।

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Author: bharatdarshan24

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