
गोरौल (वैशाली)। प्रखंड क्षेत्र के मुस्तफापुर हरशेर में हर साल की भांति इस वर्ष भी हज़रत गुलाम रसूल शाह वारसी का दो दिवसीय 42वां सालाना उर्स अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस धार्मिक आयोजन में भारी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आए जायरीनों ने शिरकत की।सोमवार: कुरानखानी और भव्य जलसाउर्स के पहले दिन यानी सोमवार की सुबह पवित्र कुरानखानी कराई गई, जिसमें देश और समाज में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। इसके बाद सोमवार की रात एक भव्य जलसे का आयोजन किया गया। इस जलसे में बिहार सहित देश के अन्य राज्यों एवं जिलों से आए नामचीन मौलानाओं ने तकरीर पेश की। मुख्य रूप से मौलाना सिद्दीक हसन उर्फ झारखंडी बाबा, मौलाना गुलाम मुर्तजा, मौलाना नसीम अहमद और अकमल वैशालवी ने अपने बयानों से महफिल में समां बांध दिया।मंगलवार: अकीदत के साथ चादरपोशी और कव्वालीसालाना उर्स के दूसरे दिन मंगलवार को शाम चार बजे मजार शरीफ पर पारंपरिक रूप से चादरपोशी की गई। उर्स के इस पावन मौके पर कोलकाता और गाजीपुर से आए राजेश पांडेय, शमशेर यादव, शंभु राय और प्रशांत पांडे ने अपने दर्जनों साथियों के साथ चादरपोशी कर मन्नतें मांगीं। इसके अलावा कटरमाला पंचायत की मुखिया जानकी देवी की ओर से उनके पुत्र संजय कुमार ने भी मजार पर चादर चढ़ाई। मंगलवार की रात खानकाही कव्वाली का शानदार प्रोग्राम आयोजित किया गया, जिसका दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया।मजार कमेटी की व्यवस्थामजार कमेटी के अध्यक्ष शमशाद अहमद, सचिव इरशाद अहमद, मोहम्मद जमाल, अंसार अहमद, इम्तियाज अहमद, मोहम्मद निजामुद्दीन और फैज वारसी ने संयुक्त रूप से बताया कि उर्स को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। कमेटी द्वारा बाहर से आने वाले सभी अकीदतमंदों और श्रद्धालुओं के रहने तथा खाने-पीने (लंगर) की मुकम्मल व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी को कोई परेशानी न हो।रिपोर्ट: जाहिद वारसी







