गोरौल प्रखंड परिसर स्थित किसान भवन में सहायक शिक्षक व पूर्व बीआरपी कौशल परवेज खान को सेवा निवृति के बाद भाव भिनी विदाई दी गयी. विदाई समारोह में उपस्थित प्रमुख मुन्ना कुमार ने कहा की व्यक्ति की पहचान उसके रंग रूप धन दौलत से नहीं होती है वल्कि उसकी पहचान अपने कर्मनिष्ठा एवं अपनी ईमानदारी से होती है. प्रधानाध्यापक डॉ सुदर्शन झा ने कहा की व्यक्ति अपने क्रिया कलापो से पहचाना जाता है. इन्होने अपने मधुर व्यवहार से सभी के दिलो को जीता है. जदयू नेता अभिषेक झा ने कहा की शिक्षक कभी सेवा निवृत नहीं होते वे लगातार समाज का मार्गदर्शन करते रहते है. शिक्षक शैलेश झा ने कहा की उत्क्रमित मध्य विद्यालय भीखनपुरा उर्दू से सेवा निवृत शिक्षक श्री खान को कौन नहीं जानता है 1994 से आजतक लगभग 31 वर्षो से शिक्षा की अलख जगा रहे है . ये अपने अद्भुत गुणों के कारण पूरे राज्य में जाने एवं पहचाने जाते है. इंसान अपने कर्मो के वदौलत सोहरत पाता है जो युगो युगो तक लोग याद रखते है. प्रधानाध्यापक चंद्र भूषण पाण्डेय ने कहा की इनके उत्कृष्ट सेवा और विद्यालय के प्रति समर्पण भाव हम सभी को सदा अपने कर्तव्य को याद दिलाते रहेगा. उच्च माध्यमिक विद्यालय चकगुलामुद्दीन के हिंदी प्रध्यापक अनिल कुमार मितभाषी ने कहा की श्री खान अपने सदविचार सदव्यवहार से हम शिक्षक समाज को गौरवान्वित किया है. आज सेवा निवृत होकर भले ही सेवा मुक्त हो जाये लेकिन हमारे दिल से कभी निकलने वाले नहीं है. प्रधानाध्यापक प्रणव कुमार ने कहा की कौशर बाबू ज़ब बी.आर.सी में बी.आर.पी के पद पर कार्यरत थे तब भी हम सभी का मार्गदर्शन करते थे . एक अभिवकर कि तरह सभी से स्नेह करते थे. शिक्षक नरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा की बच्चों से इनका लगाव और सरल भाषा में बच्चों को पढ़ाने की कला से हमलोगो को सीखने की जरूरत है. मौके पर उपस्थित लोगो ने सेवा निवृत शिक्षक को अंगवस्त्र सहित अन्य समाग्री देकर सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना किया. इस अवसर पर गोरौल के पूर्व बीडीओ प्रेमराज प्रधानाध्याक देवेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, मनोज कुमार, अखिलेश ठाकुर, ज्योति भारती, परवेज आलम, निशा कुमारी सहित पूरे जिले से सैकड़ो शिक्षको के अलावे सैकड़ो समाजसेवी भी उपस्थित थे. रिपोर्ट जाहिद वारसी








