गोरौल प्रखंड के भानपुर बरेवा पंचायत अंतर्गत चांदपुरा कलां गांव में स्थित अति प्राचीन राधाकृष्ण मंदिर (ठाकुरबाड़ी) की जमीन को भू-माफियाओं द्वारा हेराफेरी कर कब्जा करने के मामले को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। अंचलाधिकारी (CO) दिव्या चंचल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोरौल थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करने का लिखित निर्देश दिया है।सीओ द्वारा जारी ज्ञापांक- 1122 (दिनांक 3 जून 2026) के अनुसार, चांदपुरा कलां गांव स्थित यह राधाकृष्ण मंदिर पूरी तरह से सार्वजनिक है। राजस्व अभिलेखों में भी इसे सार्वजनिक प्रयोजन के लिए दर्ज किया गया है। मंदिर के नाम पर राजस्व थाना 34, खाता संख्या 221 और खेसरा संख्या 898, 899, 935, 936 के तहत 1 एकड़ 80 डीसमिल भूमि दर्ज है। इसके अलावा खाता संख्या 102, खेसरा 104 में 96 डीसमिल जमीन शामिल है। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 2 एकड़ 76 डीसमिल जमीन का सर्वे खतियान और जमाबंदी राधा कृष्ण एवं ठाकुर जी के नाम पर ही रजिस्टर्ड है।
अधिकारियों और न्यायालय का आ चुका है आदेश
इस बेशकीमती धार्मिक भूमि को लेकर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) महुआ और अपर समाहर्ता (ADM) हाजीपुर पहले ही आदेश पारित कर चुके हैं कि यह पूरी भूमि मंदिर की ही है। इतना ही नहीं, व्यवहार न्यायालय हाजीपुर द्वारा भी टाइटल सूट संख्या 645/2016 के तहत इस विवादित भूमि पर पहले ही निषेधाज्ञा (Stay Order) लगाई जा चुकी है।
पुलिस गश्त बढ़ाने और कार्रवाई का निर्देश

प्रशासनिक और न्यायिक आदेशों के बावजूद स्थानीय भू-माफिया इस पवित्र और धार्मिक महत्व की भूमि की अवैध खरीद-बिक्री कर उसे हड़पने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा पूरी तरह गैरकानूनी है।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गोरौल थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि वे मंदिर की विवादित भूमि पर पुलिस बल की नियमित गश्त (Petrolling) सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी तरह की अवैध और असामाजिक गतिविधि को रोका जा सके। सीओ दिव्या चंचल ने इस आदेश की प्रतिलिपि अनुमंडल अधिकारी (SDO) महुआ, आरक्षी अधीक्षक (SP) वैशाली और जिला पदाधिकारी (DM) हाजीपुर को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी है।







