गोरौल नगर पंचायत की घोर लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर स्थानीय किसानों को भुगतना पड़ा है। भिखनपुरा में सड़क किनारे नगर पंचायत द्वारा डंप किए गए कचरे के ढेर में लगी आग ने पास के बगीचे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 62 कीमती और फलदार पेड़ जलकर राख हो गए।
लाखों का आर्थिक नुकसान
इस भीषण अग्निकांड में बगीचा मालिक विन्देश्वरी सिंह और रोहित सिंह को भारी आर्थिक क्षति हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, जलने वाले पेड़ों में आम, लीची और शीशम के पेड़ शामिल थे। सबसे दुखद बात यह है कि आम और लीची के पेड़ों में फल लगे हुए थे, जो पूरी तरह नष्ट हो गए। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई चंद घंटों में धुएं में मिल गई।
सड़क पर कचरा और प्रशासन की बेरुखी
स्थानीय ग्रामीणों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश जताया है। लोगों का कहना है कि सड़क के बीचों-बीच कचरा फेंकना और उसे जमा करना आम बात हो गई है। कचरे के इस ढेर से अक्सर धुआं निकलता रहता है और समय-समय पर आग की लपटें उठती हैं, लेकिन नगर पंचायत ने कभी इसकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को किसानों के नुकसान से कोई सरोकार नहीं है।
दमकल विभाग ने टाला बड़ा हादसा
गनीमत यह रही कि जिस स्थान पर आग लगी थी, उसके आसपास कोई घनी आबादी वाली बस्ती नहीं थी, अन्यथा कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन (Fire Brigade) की गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। यदि समय रहते आग नहीं बुझाई जाती, तो आसपास के अन्य बगीचे और खेत भी इसकी चपेट में आ जाते।








