गोरौल (वैशाली)।क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत के कारण आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है, जबकि दूसरी ओर होटल और गैस एजेंसी संचालकों की साठगांठ से काले धंधे का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। आलम यह है कि आम उपभोक्ताओं को महीनों इंतजार के बाद भी गैस नसीब नहीं हो रही है, वहीं स्थानीय होटलों और ढाबों में घरेलू सिलेंडरों का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इस पूरी कालाबाजारी में ‘एजेंसी वाले मस्त और जनता पस्त’ नजर आ रही है।60 दिनों बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर, उपभोक्ता परेशानविशेष रूप से इंडियन गैस (Indian Gas) के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गैस बुकिंग कराने के 50 से 60 दिन (दो महीने) बीत जाने के बाद भी उन्हें आसानी से सिलेंडर नहीं मिल रहा है। लोग सुबह से शाम तक एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तरफ, होटलों में बिना किसी रोक-टोक के भारी मात्रा में घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही है।प्रशासन को सब पता, फिर भी कार्रवाई सिफरहोटलों में घरेलू गैस का अवैध उपयोग और इसकी कालाबाजारी की पूरी सच्चाई से स्थानीय प्रशासन भली-भांति वाकिफ है। इसके बावजूद अब तक किसी भी होटल या संबंधित एजेंसी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस चुप्पी पर अब क्षेत्र की जनता सवाल उठाने लगी है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खेल महीनों से चल रहा है?जनप्रतिनिधियों ने भी साधी चुप्पीआम जनता की इस बेहद गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता आज जनता के हक की इस लड़ाई पर एक शब्द भी बोलने को तैयार नहीं हैं। जनप्रतिनिधियों की इस बेरुखी से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।रिपोर्ट: जाहिद वारसी








