गोरौल (वैशाली)। प्रखंड के चांदपुरा कला गांव स्थित प्रसिद्ध मलंग स्थान परिसर में शिवलिंग स्थापना एवं अष्टयाम यज्ञ को लेकर गुरुवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में सूबे के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, जिला पार्षद रूबी कुमारी और प्रखंड प्रमुख मुन्ना कुमार विशेष रूप से शामिल हुए।कलश यात्रा में 251 कुंवारी कन्याओं और महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। श्रद्धालुओं का जत्था गाजे-बाजे और जयकारों के साथ चांदपुर सरोवर पहुंचा। जहाँ पहलेजा घाट से विशेष रूप से लाए गए पवित्र गंगाजल को मंत्रोच्चारण के बीच सभी श्रद्धालुओं ने अपने-अपने कलश में भरा। इसके बाद कलश यात्रा पुनः मुख्य मार्गों से होते हुए यज्ञ स्थल पर पहुंची। यज्ञ मंडप में आचार्य परमानंद शास्त्री ने पूरी वैदिक रीति-रिवाज और विशेष मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापित करवाकर अष्टयाम अनुष्ठान का शुभारंभ किया।यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यटन मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि मानव जीवन में यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों का बहुत बड़ा महत्व है। यज्ञ से निकलने वाली वेदमयी ध्वनि से समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे का माहौल कायम होता है। साथ ही, यज्ञ कुंड में डाली गई आहुतियों से निकलने वाले धुएं से पूरा वातावरण और पर्यावरण शुद्ध होता है।पर्यटन मानचित्र पर आएगा मलंग स्थानमंत्री ने मलंग स्थान की महत्ता की चर्चा करते हुए कहा कि इस स्थान की प्रसिद्धि पूरे देश में है। यहाँ बिहार के अलावा कई अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना और मन्नत मांगने आते हैं। जनभावनाओं और इस स्थान के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सरकार इसे आधिकारिक तौर पर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगी, ताकि इसे पूरे देश के मानचित्र पर एक नई पहचान मिल सके।इस पावन अवसर पर मुख्य रूप से मुखिया राजेश कुमार, मलंग स्थान के मुख्य पुजारी उमेश कुमार झा, सुधीर झा, सागर झा, रमेश चन्द्र गुप्ता, उपेंद्र चौधरी, संजीत गुप्ता, बिट्टू कुमार, नवीन कुमार सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से सराबोर दिखा।








