वैशाली जिले के नगर पंचायत गोरौल में विकास कार्यों को लेकर चल रहा आंतरिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। नगर पंचायत के मुख्य पार्षद नागेंद्र दास और उप मुख्य पार्षद धनमंती देवी ने कुछ वार्ड पार्षदों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर सरकारी कामकाज को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है।डीएम से मिलकर की शिकायतप्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद ने जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात कर एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ वार्ड पार्षद अपनी निजी स्वार्थ और राजनीतिक विरोध के कारण नगर पंचायत की योजनाओं और दैनिक सरकारी कार्यों में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।जांच की मांगज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पार्षदों का यह रवैया न केवल प्रशासनिक कामकाज को बाधित कर रहा है, बल्कि आम जनता से जुड़े विकास कार्यों की गति को भी धीमा कर रहा है। मुख्य पार्षद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इन आरोपों की उच्च स्तरीय टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।विकास कार्य हो रहे प्रभावितनगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि आपसी विवाद और पार्षदों के असहयोग के कारण कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं। गोरौल की जनता को बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के संकल्प में यह विवाद एक बड़ी बाधा साबित हो रहा है।इस घटना के बाद से नगर पंचायत की राजनीति गरमा गई है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और आरोपी पार्षदों का इस पर क्या पक्ष सामने आता है।






