पश्चिमी चंपारण के शिक्षा विभाग में तैनात सहायक अभियंता रौशन कुमार के घर से स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने 42 लाख 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह रकम बेतिया स्थित उसके घर के छज्जे पर कार्टन में छिपाकर रखी गई थी।
एसवीयू ने रौशन कुमार को 2 मार्च को 5 लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। वह मूल रूप से लखीसराय का रहने वाला है और करीब एक साल पहले ही उसकी नौकरी लगी थी। बेतिया उसकी पहली पोस्टिंग थी।
एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार दाराद ने बताया कि नौतन निवासी शम्श तबरेज ने शिकायत की थी कि स्कूल निर्माण के 57 लाख रुपये के बिल भुगतान के बदले रौशन कुमार 10 फीसदी कमीशन मांग रहा है। शिकायत की जांच सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाकर उसे 5 लाख रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उसे जेल भेज दिया गया है।
एसवीयू अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी और आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया जाएगा। उसकी संपत्ति की जांच जारी है।
बेतिया शिक्षा विभाग पहले भी घूसखोरी को लेकर सुर्खियों में
पिछले साल जनवरी में एसवीयू ने बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनी कांत प्रवीण को भी घूस लेते गिरफ्तार किया था। उनके ठिकानों पर छापेमारी में करीब 3.5 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले थे।
बताया जाता है कि रौशन कुमार स्कूल निर्माण, मरम्मत और अन्य कार्यों के बिल पास कराने के लिए ठेकेदारों से 10 से 15 फीसदी तक कमीशन वसूलता था। एक साल के भीतर शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी से विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।








