वैशाली/पटना: वैशाली जिले की बंद पड़ी गौरोल चीनी मिल को फिर से चालू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र संख्या-07 (गौरोल) की जिला परिषद सदस्य रूबी कुमारी ने इस संबंध में बिहार सरकार के माननीय उद्योग मंत्री को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।हजारों किसानों की आजीविका का सवाल
मंत्री को लिखे पत्र में रूबी कुमारी ने बताया कि गौरोल चीनी मिल कई वर्षों से बंद पड़ी है। इसके बंद होने से क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों, मजदूरों और स्थानीय निवासियों की रोजी-रोटी पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मिल का बंद होना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है। जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है ग्रामीण जनता
पत्र में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी दी गई है कि इस चीनी मिल की पुरानी जमीन अब बयाडा (BIADA) के अधीन चली गई है। रूबी कुमारी ने स्पष्ट किया कि गौरोल और आसपास के गांवों की जनता और किसान मिल को दोबारा शुरू करने के लिए हर संभव सहयोग को तैयार हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो ग्रामीण मिल के संचालन के लिए नई जमीन उपलब्ध कराने में भी प्रशासन का सहयोग करेंगे।जिला पार्षद ने अपने पत्र के अंत में उद्योग मंत्री से विनम्र निवेदन किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए गौरोल चीनी मिल को पुनः सक्रिय करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा, “इस पहल से न केवल किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।








